Tag Archives: Moral Values

बाज़ार, व्यापार और गणतंत्र !

हम एक ‘गणतंत्र’ है हमारा ‘अपना’ एक ‘मंत्र’ है, हमारी अपनी ‘संस्थाओं’ के प्रति हमारी ‘बेरूखी’ ‘अनोखी’ है, इसीलिए देश में जो कुछ होता है उसमे ‘अपने बाप का क्या जाता है’ ‘होने दो जो होता है’ ‘कौन किसके लिए … Continue reading

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