Tag Archives: Indian Society

‘Jan Gan’ ke ‘Man Ki Baat’ -Deeply Disappointed or Hopes Alive?

The NDA government at the Centre has completed a year in office. During the previous UPA government’s term from 2009 to 2014, in 2009 while assuming the power in its second term after 1999 the earlier Congress government, had promised … Continue reading

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बाज़ार, व्यापार और गणतंत्र !

हम एक ‘गणतंत्र’ है हमारा ‘अपना’ एक ‘मंत्र’ है, हमारी अपनी ‘संस्थाओं’ के प्रति हमारी ‘बेरूखी’ ‘अनोखी’ है, इसीलिए देश में जो कुछ होता है उसमे ‘अपने बाप का क्या जाता है’ ‘होने दो जो होता है’ ‘कौन किसके लिए … Continue reading

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तीसरा मोर्चा – ( एक बिखरी हुई कविता )

फिर ‘मोर्चे’ कि बात चली है, फिर ‘मोर्चों’ का मौसम आया है, आओ हम भी एक मोर्चा बनाएँ, आओ एक ‘मोर्चे’ में शामिल हो जायें, नाम चाहे कोई भी रख लो पर भ्रष्टाचार से झोली भर लो, मोर्चा तो एक … Continue reading

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