Tag Archives: अविनाश स्क्रेपवाला

‘तूफ़ान’ से ‘अप-डाउन’

रोज के ‘अप –डाउन’ में वैसे तो कोई दिक्कत नहीं होती, सुबह जाते वक्त समय पर निकलो, तो ‘एस-टी’ बस मिल ही जाती, थोड़ी देर हो जाये तो, बात नहीं कोई, सबके लिए फिर भी, ‘लक्ज़री मिनी बस’ है न … Continue reading

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एक नयी आस- एक नयी आश

मुरझाये हुए दिलों को, डूबते हुए हौंसलों को, सोएं हुए जज्बातों को, बुझते हुए सपनों को, हर एक को- एक ही आस एक नयी आस, एक नयी आश ! सपनों को जो दे नयी उड़ान, जज्बातों मे फूँक दे नयी … Continue reading

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