दीवाने

सुकून ए दिल के लिए दर्द भी गँवारा करते है,
हम वो दीवाने है जॉं इश्क में गुज़ारा करते है..

डूब जाती है मजबूरियां आशिकों के साथ समंदर में,
हम वो खुशकिस्मत है जो आँखों में समंदर उतारा करते है..

आज़माये हुए है ज़िन्दगी के हाथों कुछ इस कदर,
बस एक नज़र में ही सबको भाँप लिया करते है..

दीवाने करार कर दिए गए पर ये सहूलियत मिली,
जहाँ मिली तन्हाई वहीं महफ़िल जमाया करते है..

बतौर ए बशर तजुर्बों से काफी कुछ सिखा है हमने ‘मुस्ताक’ …
वोह जो दोस्त कहलातें है असल में फ़रिश्ते ही होते है,
वरना यहाँ तो अपने भी काम तमाम किया करते है .

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